
हाँ ठीक है मैं अपनी अना का मरीज़ हूँ.
आख़िर मिरे मिज़ाज में क्यूँ दख़्ल दे कोई.
– जौन एलिया
Haan Theek Hai Main Apni Ana Ka Mareez Hun,
Aakhir Mire Mizaj Mein Kyun Dakhl De Koi….
– Jaun Elia

हाँ ठीक है मैं अपनी अना का मरीज़ हूँ.
आख़िर मिरे मिज़ाज में क्यूँ दख़्ल दे कोई.
– जौन एलिया
Haan Theek Hai Main Apni Ana Ka Mareez Hun,
Aakhir Mire Mizaj Mein Kyun Dakhl De Koi….
– Jaun Elia

अपनों के लिए हर वादे तोड़ के आया हूँ,
मैं खाकी हूँ….
आपके लिए अपनों को रोता छोड़ आया हूँ
Apno Ke Liye Har Wade Tod Ke Aaya Hun,
Main Khaki Hun….
Aapke Liye Apno Ko Rota Chhod Aaya Hun….

लोग कहते थे कि पुलिस चौराहों
पर कमाई के लिये खड़ी होती है….
सारे चौराहे वीरान पड़े हैं और
पुलिस आज भी वहीं खड़ी है….
Log Kehte The Ki Police Chaurahon
Par Kamai Ke Liye Khadi Hoti Hai….
Sare Chaurahe Viran Pade Hain Aur
Police Aaj Bhi Wahin Khadi Hai….

सबसे बेहतर रंग की तलाश थी महफिल में,
हमने खाकी बता के समा बांध दिया….
Sabse Behtar Rang Ki Talash Thi Mehfil Mein,
Humne Khaki Bata Ke Sama Bandh Diya….

हाथों में रंग गुलाल भरे,
नीले पीले, कुछ लाल हरे,
सब रंग “भागवत” हाथ धरे,
जब दुनियाँ ये मुस्कुराती है,
तब पुलिस ड्यूटी निभाती है….
Hathon Mein Rang Gulal Bhare,
Neeley Peeley, Kuchh Lal Hare,
Sab Rang “Bhagwat” Hath Dhare,
Jab Duniyan Ye Muskurati Hai,
Tab Police Duty Nibhati Hai….

एक Aligarian होने के नाते जो प्यार और तहज़ीब मैंने Aligarh Muslim University से पाई है वो रह रहकर दिल में उमंगें भारती रहती है। AMU की बहुत सी रोमांचित कर देने वाली चीज़ों में से एक- तराना-ए-ए.एम.यू. / AMU Tarana यहाँ Lyrics और Mp3 दोनों में दिया जा रहा है, उम्मीद है ये आपको बहुत पसंद आएगा।
ये तराना अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ही एक मशहूर पूर्व छात्र ( Old Boy ) जनाब असरार-उल-हक़ मजाज़ ( Majaz Lakhnavi) साहब की लिखी हुयी एक नज़्म ” नज़रे अलीगढ़ ” की कुछ पंक्तियों को लेकर बनाया गया है। ये Majaz Shayari का एक बहुत ही बेहतरीन नमूना है। ये अमुवि के हर मुख्य समारोह में आर्केस्ट्रा की धुनों पर हजारों छात्रों द्वारा कोरस में गाया जाता है।

पेंसिल को सौ गुनाह माफ़ थे,
पेन पर जिम्मेदारियां बहुत थी।
Pencil Ko Sou Gunaah Maaf The,
Pen Par Jimmedariyan Bahut thi….
उन्हें न तोलिये तहज़ीब के तराज़ू में,
घरों में उन के न चूल्हे न दीप जलते हैं….
-सदा अम्बालवी
Unhein Na Toliye Tehzeeb Ke Taraaju Mein,
Gharon Mein Unke Na Chulhe Na Deep Jalte Hain….
– Sada Ambalvi
Aaj Ka Gyan Funny Whatsapp Status –

प्रिय पाठकों यहाँ आपको मिलेंगे लेटेस्ट 100+ Aaj Ka Gyan in Hindi जोक्स। जिन्हें पढ़कर आप लोटपोट हो जाओगे। आप इन्हें Whatsapp और Facebook Share भी कर सकते हैं।
1
आज का ज्ञान-
हम भारतीयों की एक खास आदत….
“कोई भी चीज़ साफ करनी हो तो,
एक गन्दा कपड़ा देना….
रोज़ तारों को नुमाइश में खलल पड़ता है
चाँद पागल हैं अंधेरे में निकल पड़ता है
Read moreRahat Indori – Roz Taaron Ko Numaaish Mein Khalal Padta Hai