AMU Tarana Lyrics in Hindi and Latest Musical Mp3

AMU Tarana performance by students with music.
AMU Tarana

AMU Tarana in Hindi –

एक Aligarian होने के नाते जो प्यार और तहज़ीब मैंने Aligarh Muslim University से पाई है वो रह रहकर दिल में उमंगें भारती रहती है। AMU की बहुत सी रोमांचित कर देने वाली चीज़ों में से एक- तराना-ए-ए.एम.यू. / AMU Tarana यहाँ Lyrics और Mp3 दोनों में दिया जा रहा है, उम्मीद है ये आपको बहुत पसंद आएगा।
ये तराना अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ही एक मशहूर पूर्व छात्र ( Old Boy ) जनाब असरार-उल-हक़ मजाज़ ( Majaz Lakhnavi)  साहब की लिखी हुयी एक नज़्म ” नज़रे अलीगढ़ ” की कुछ पंक्तियों को लेकर बनाया गया है। ये Majaz Shayari का एक बहुत ही बेहतरीन नमूना है। ये अमुवि के हर मुख्य समारोह में आर्केस्ट्रा की धुनों पर हजारों छात्रों द्वारा कोरस में गाया जाता है।

AMU Tarana / Tarana-E-AMU :–

ये मेरा चमन है मेरा चमन, मैं अपने चमन का बुलबुल हूँ – 2
सर-शार-ए-निगाह-ए-नर्गिस हूँ, पाबस्ता-ए-गेसु-ए-सुंबुल हूँ

ये मेरा चमन, ये मेरा चमन, ये मेरा चमन है मेरा चमन
मैं अपने चमन का बुलबुल हूँ

जो ताक-ए-हरम में रोशन है वो शमा यहाँ भी जलती है
इस दश्त के गोशे-गोशे से इक जू-ए-हयात उबलती है
ये दश्त-ए-जुनूं दीवानों का, ये बज़्म-ए-वफ़ा परवानों की – 2
ये शहर-ए-तरब रूमानों का, ये ख़ुल्द-ए-बरी अरमानों की
फ़ितरत ने सिखाई है हमको, उफ्ताद यहाँ, परवाज़ यहाँ – 2
गाए हैं वफ़ा के गीत यहाँ, छेड़ा है जुनूं का साज़ यहाँ – 2

ये मेरा चमन है मेरा चमन मैं अपने चमन का बुलबुल हूँ

इस बज़्म में तैगें खींचीं हैं, इस बज़्म में सागर तोडें हैं
इस बज़्म में आँख बिछायी है, इस बज़्म में दिल तक जोडें हैं
हर शाम है शाम-ए-मिस्र यहाँ, हर शब् है शब्-ए-शीराज़ यहाँ – 2
है सारे जहाँ का सोज़ यहाँ और सारे जहाँ का साज़ यहाँ
ज़र्रात का बोसा लेने को सौ बार झुका आकाश यहाँ – 2
ख़ुद आँख से हमने देखी है, बातिल की शिकश्त-ए-फ़ाश यहाँ – 2

ये मेरा चमन है मेरा चमन, मैं अपने चमन का बुलबुल हूँ
ये मेरा चमन, ये मेरा चमन
ये मेरा चमन है मेरा चमन, मैं अपने चमन का बुलबुल हूँ

जो अब्र यहाँ से उट्ठेगा वो सारे जहाँ पर बरसेगा
हर जू-ए-रवां पर बरसेगा हर कोह-ए-गिरां पर बरसेगा
हर सर्वो समन पर बरसेगा हर कोहो-दमन पर बरसेगा
ख़ुद अपने चमन पर बरसेगा, गैरों के चमन पर बरसेगा
हर शहर-ए-तरब पर गरजेगा हर क़स्र-ए-तरब पर कड़केगा
ये अब्र हमेशा बरसा है, ये अब्र हमेशा बरसेगा
ये अब्र हमेशा बरसा है, ये अब्र हमेशा बरसेगा
ये अब्र हमेशा बरसा है, ये अब्र हमेशा बरसेगा
बरसेगा…. बरसेगा…. बरसेगा…. – Majaz Lakhnawi

AMU Tarana Mp3 –

To Listen AMU Tarana Click Here on Play Button :–

 

Note:– तराने में इस्तेमाल हुए Main Words Meaning –

सर-शार-ए-निगाह-ए-नर्गिस – नर्गिस की निगाहों से मस्त,  पाबस्त-ए-गेसु-ए-सुंबुल – सुंबुल की जुल्फों का कैदी, ताक-ए-हरम – मस्जिद की ताक, दश्त – रेगिस्तान, गोशे-गोशे से – कोने कोने से, जू-ए-हयात – जीवनधारा, शहर-ए-तरब – आनंद का नगर, ख़ुल्द-ए-बरी – सबसे ऊपर स्तिथ स्वर्ग, फ़ितरत – प्रकृति, उफ्ताद – गिरना पड़ना, परवाज़ – उड़ान,
बज़्म – महफ़िल, शाम-ए-मिस्र – मिस्र की शाम, शब्-ए-शीराज़ – सुन्दर ईरानी नगर शीराज़ की रात, ज़र्रात का बोसा – ज़र्रों का चुम्बन, बातिल – झूठा, शिकश्त-ए-फ़ाश – करारी हार, अब्र – बदल, जू-ए-रवां – बहती धारा, कोह-ए-गिरां – ऊँचा पहाड़, सर्वो समन – सरो और सामान पौधे, कोहो-दमन – पहाड़ और वादी, क़स्र-ए-तरब – आनंद का महल।

प्यारे पाठकों उम्मीद है कि आपको हमारी ये पोस्ट पसंद आई होगी । अगर आपको इस तराने से सम्बंधित कोई अन्य जानकारी चाहिए, तो आप हमें कमेंट्स करके बता सकते हैं। इस तराने में वो सब कुछ है जो किसी इदारे के तराने में होना चाहिए। जितनी बार भी इस तराने को सुना या पढ़ा जाता है उतनी ही बार ये आपकी नसों और कानों में बसता चला जाता है।

Note –
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हमें आपके सुझाव का इन्तेजार रहेगा, अप हमें कमेंट करके अपने विचारों से अवगत ज़रूर करवाएं।

2 thoughts on “AMU Tarana Lyrics in Hindi and Latest Musical Mp3”

  1. Aap ka kehna sahi hai jinti bar is ko suno utni or or sunny ka mn karta hai
    I love you Aligarh Muslim University
    I love you AMU Tarana

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