उन्हें न तोलिये तहज़ीब के तराज़ू में,
घरों में उन के न चूल्हे न दीप जलते हैं….
-सदा अम्बालवी
Unhein Na Toliye Tehzeeb Ke Taraaju Mein,
Gharon Mein Unke Na Chulhe Na Deep Jalte Hain….
– Sada Ambalvi
उन्हें न तोलिये तहज़ीब के तराज़ू में,
घरों में उन के न चूल्हे न दीप जलते हैं….
-सदा अम्बालवी
Unhein Na Toliye Tehzeeb Ke Taraaju Mein,
Gharon Mein Unke Na Chulhe Na Deep Jalte Hain….
– Sada Ambalvi

ये जो तुम रोज़ ज़ुल्फें मेरे चेहरे पर बिखराके मुझे जगाती हो,
ऐ हसीन, नाज़नी ये बता दो कमीनी तेरे जुएं तो न हैं ?

खामोशियों में धीमी सी आवाज़ है,
तन्हाईयों में भी एक गहरा राज़ है।
मिलते नही हैं सबको अच्छे दोस्त यहाँ,
आप जो मिले हो हमें खुद पर नाज़ है।
Khamoshiyon Mein Dheemi Si Aawaz Hai,
Tanhayion Mein Bhi Ek Gehra Raaz Hai.
Milte Nahin Hain Sabko Achchhe Dost Yahan.
Aap Jo Mile Ho Humein Khud Par Naaz Hai.

एक राज़ है इन आंखों में,
पढ़ लो इन्हें तो तुम्हें भी इश्क़ हो जाए।
Ek Raaz Hai In Aankhon Mein,
Padh Lo Inhein To Tumhein Bhi Ishq Ho Jaaye.

जब तेरी याद आती है तब,
आँखें तो मान जाती हैं,
पर ये कमबख़्त दिल रो पड़ता है….
Jab Teri Yaad Aati Hai,
Tab Aankhein To Maan Jaati Hain,
Par Ye Kambakhat Dil Ro Padta Hai….
कुएँ मे उतरने के बाद,
बाल्टी झुक जाती है लेकिन
झुकने के बाद भर कर ही
बाहर निकलती है….
जीवन में भी कुछ ऐसा ही होता है-
जो झुकता है वह अवश्य
कुछ न कुछ लेकर ही उठता है….
यही जीवन है।
🌹🙏 मंगल प्रभात 🙏🌹

इक उम्र इंतिज़ार किया.. क्या बुरा किया..
वादे का एतबार किया.. क्या बुरा किया..
Ek Umr Intejaar Kiya.. Kya Bura Kiya..
Waade Ka Aitbaar Kiya.. Kya Bura Kiya..

दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के,
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के….
– फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
Dono Jahaan Teri Mohabbat Mein Haar Ke,
Wo Jaa Raha Hai Koi Shab-e-Gham Guzaar Ke….
– Faiz Ahmad Faiz

बनाएं होंगे शाहजहाँ ने मोहब्बत मे ताज,
कुछ लोग ने मोहब्बत को सर आँखों पे रखा है….
Banaye Honge Shahjahan Ne Mohabbat Mein Taj,
Kuch Logon Ne Mohabbat Ko Sar Aankhon Pe Rakha Hai….
Ek Baat Aur Bhi Hai,
Jo Tumse Kehni Hai Mujhe….
Ishq Mein Jo Bhi Karu Khata,
Wo Apni Samajh ke Sehni Hai Tujhe….
एक बात और भी है,
जो तुमसे कहनी है मुझे….
इश्क़ में जो भी करूँ ख़ता,
वो अपनी समझ के सहनी है तुझे!!!!
Kahin Koi Zakham Bech Diya,
Kahin Koi Shair Suna Diya….
Jo Kabhi Ishq Tha,
Humne Use Rozgaar Bana Diya….
कहीं कोई ज़ख़्म बेच दिया,
कहीं कोई शेर सुना दिया!
जो कभी इश्क़ था,
उसे हमने रोजगार बना दिया!